मेरी जिंदगी के वो सबसे डरावने दो दिन...., चीन से सहारनपुर लौटे युवक की जुबानी, कोरोना के खौफ की कहानी

कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जहां दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस से खौफ से लड़कर आइसोलेशन से निकले लोगों की कहानियां ऐसे माहौल में लोगों का उत्साह बढ़ाती हैं। इसी संबंध में चीन से सहारनपुर लौटे एक युवक ने दो दिन आइसोलेशन वार्ड में रहने के अपने अनुभव अमर उजाला के साथ साझा किए।


‘कोरोना के खतरे के बीच विदेश से लौटने के बाद मुझे अपने भीतर कुछ लक्षण नजर आए, जो कोरोना के लक्षणों से मिलते जुलते थे। मैं घबरा गया था। जब मैं जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचा तो मुझे आइसोलेट कर दिया गया।

आइसोलेशन वार्ड के एक कमरे में मुझे अकेले दो दिन बिताने पड़े। वह मेरी जिंदगी के सबसे डरावने और टेंशन भरे दिन थे। मैं बार-बार खुद को जिंदगी और मौत के बीच महसूस कर रहा था, मगर रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद लगा कि नया जीवन मिल गया।’ ये शब्द हैं एसबीडी जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखे गए चीन से लौटे गंगोह निवासी युवक के।

अमर उजाला से फोन पर बातचीत में पहले तो युवक कुछ बताने को तैयार नहीं था, मगर जब हमने पहचान नहीं खोलने की बात कही तो उसने बताया कि वह चीन में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। वहां कोरोना का खतरा फैलने के बाद कंपनी ने भारत लौटने की सलाह दी। इसके बाद वह गंगोह आ गया। एयरपोर्ट पर जांच हुई तो शरीर का तापमान सामान्य था। मगर उसे घर पर ही क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई थी।